मथुरा प्रसाद महाविद्यालय, कोंच

बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी से सम्बद्ध ◆ NAAC मूल्यांकन हेतु प्रस्तावित

स्थापना : 1973
म.प्र.महाविद्यालय
मेनू

मथुरा प्रसाद महाविद्यालय, कोंच (जालौन), उत्तर प्रदेश

बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी से सम्बद्ध एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की धारा 2(एफ) एवं 12(बी) से योजित अनुदानित महाविद्यालय

UGC 2(f) & 12(B) Established 1973 बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय

दृष्टि (Vision) हमारा लक्ष्य

गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं मूल्यपरक शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना तथा उनमें ज्ञान, नैतिकता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्रीय चेतना का विकास करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय, सजग एवं उत्तरदायी नागरिक के रूप में तैयार करना।

ध्येय (Mission) हमारे पाँच प्रमुख उद्देश्य

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान कर उनके बौद्धिक, नैतिक एवं सामाजिक विकास को प्रोत्साहित करना।

समावेशिता एवं समानता

ग्रामीण एवं अंचलीय क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के सुलभ एवं समान अवसर उपलब्ध कराना।

शिक्षण एवं अनुसंधान

शिक्षण, अनुसंधान, नवाचार तथा सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना।

नैतिक मूल्य

विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिक मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता एवं राष्ट्रीय दायित्वबोध का विकास करना।

रोजगार कौशल

विद्यार्थियों को ज्ञान, जागरूकता एवं मार्गदर्शन के माध्यम से उनके भविष्य के प्रति सजग बनाना तथा उन्हें जीवन और रोजगार की संभावनाओं के प्रति प्रेरित करना।

मूल मूल्य (Core Values) हमारे आधार स्तंभ

ज्ञान एवं उत्कृष्टता

शिक्षा, अध्ययन एवं अनुसंधान के क्षेत्र में गुणवत्ता और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना।

नैतिकता एवं सत्यनिष्ठा

शिक्षण एवं प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, ईमानदारी और अनुशासन को बनाए रखना।

समानता एवं समावेशिता

सभी वर्गों के विद्यार्थियों को बिना किसी भेदभाव के शिक्षा के समान अवसर प्रदान करना।

सामाजिक उत्तरदायित्व

समाज की आवश्यकताओं एवं चुनौतियों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा-भावना का विकास करना।

सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास

शैक्षणिक, सांस्कृतिक, बौद्धिक एवं खेलकूद गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के समग्र विकास को प्रोत्साहित करना।

पर्यावरण संरक्षण

प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जागरूकता और उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना।